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Monday, December 1, 2008
शराब चीज ही ऐसी है
इस गीत में शराब के बारे में बताया गया है।कि वह छूटती नही।लेकिन अगर छूटेगी नहि तो क्या हो सकता है इस मुक्तक में पढे-
शराब पी के गरीब भी जन्नत के मजे लूटे है।
पीने वाला इसे हर शख्स गम से छूटे है।
यह अलग बात है ज्यादा पीनें वालो के लिए,
किसी नालें में गिरनें से उसके दाँत टूटे है।