Tuesday, October 27, 2009

क्या यह मैने सही फैसला किया?.....मुझे बताएं।

कई बार इन्सान के सोचे सपने सच हो जाते हैं। ऐसा मैं पहले तो कभी नही सोचता था लेकिन जब आपको पता लगे की आप को लाखों का धन अचानक प्राप्त हो गया है तो आदमी के मन की अवस्था कैसी हो जाती है।जब बैठे बिठाए इतना धन आपको मिल जाए तो दिमाग हजारों सपने बुनने लगता है कि वह इस धन का कहाँ कहाँ कैसा इस्तमाल करेगा।इस धन को प्राप्त कर मेरा भी यही हाल हो गया है.....समझ नही आ रहा इस धन का क्या करूँ।लेकिन जिन लोगो के कारण यह धन मुझे मिला ,यह धन उन्हीं के सहयोग से इस का सही उपयोग करने के लिए मैने उन्हें अपना विचार बता दिया है।आप भी उसे पढ़े.....और बताए क्या मेरा उठाया गया यह कदम सही है?????

प्रिय मित्रेश्वर,

आप का धन्यवाद। जैसा कि आपने बताया कि मेरा sum of £950.000.00 in LG Promo अवार्ड निकला है।मुझे यह जान कर बहुत खुशी हुई। मैं जब भी आसपास गरीबो को देखता हूँ तो मन बहुत दुखी होता था ।तब मै सोचता था कि काश! मेरे पास धन होता तो मै इन की मदद कर पाता। लेकिन मेरे पास कभी भी इतना धन नही आया की मैं अपने मन की इच्छा पूरी कर सकूँ। लेकिन आपने यह अवार्ड देकर मुझ पर बहुत उपकार किया है। अत: मैं चाहता हूँ कि मुझे जो अवार्ड आप देना चाहते हैं,उस की सारी धनराशी....जो टेक्स आदि दे कर शेष बचती है। वह गरीबो में बाटँ दे।यदि आप ऐसा करेगें तो मेरे मन को बहुत शांती मिलेगी।आप के इस नेक काम में सहायता करने के लिए मै भी आपका सदा आभारी रहूँगा।आशा है आप यह कार्य शीघ्र ही कर देगे। इस लिए आपको अग्रिम धन्यवाद दे रहा हूँ।





आपका अपना
परमजीत बाली

प्रमाण स्वरूप प्राप्त ईमेल का चित्र भी ऊपर दिया जा रहा है।

3 टिप्पणियाँ:

राज भाटिय़ा said...

भाई पता नही , लेकिन ऐ तो रोजाना ही इने फ़ेख देता हूं, अगर कहो तो कल से आप को भेज दुंफ़्गा आप कम से कम दान तो कर रहे है...
यह सब मेल बएकार के होते है , ओर लोगो को फ़ंसाने के लिये.
धन्यवाद

परमजीत बाली said...

राज जी, इसी लिए मैनें लौटती डाक से(ईमेल से) उन्हे यह जवाब भेज दिया:))

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

बहुत बढिया रास्ता निकाला है इन अवांछित इनामों से बचने का।
ह ह हा।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

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