Friday, March 14, 2008

जरा सोचें

आज जहाँ देखो साधू महाराज और गुरुजन प्रवचन करते नजर आते है। इन्हे देख कर लगता है कि भारत में धर्म तथा सदाचार की लहरें चारों ओर दोड़ रही हैं।चारों और धर्म और सदाचार का प्रचार करते बाबाओं का ,विभिन्न चैंनलों पर गूँजता स्वर।यह एहसास दिलानें लगता है कि भारत के लोग अध्यात्म के कितनें ऊँचे सौपान पर पहुँचते जा रहे हैं।लेकिन हकीकत कुछ और ही है। आज इन्सान पहले से भी ज्यादा भ्रष्ट और असंवेदनशील होता जा रहा है।हमारे तथा कथित ज्यादातर गुरु और धर्म का प्रचार करनें वाले,सिर्फ अपना हित साधनें में लगे हुए हैं आज उन्हें अपनें शिष्यों की संख्या और संपत्ति को बढानें की होड़ लगी हुई है।क ैसे भी कर के वह सबसे आगे निकल जाए....इसी के चारों और सारे आडंम्बर किए जा रहे हैं। आज यू ट्यूब मॆं एक विज्ञापन द्वारा यह संदेश बहुत कुछ कह रहा हैं...आप भी देखे....



1 टिप्पणियाँ:

हर्षवर्धन said...

बाबा बहके रहते हैं
भ्रष्टाचार करते रहते हैं
आपकी जेब काटते रहते हैं
अपनी झोली भरते रहते हैं

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