इस में छिपे संदेश के बारे में आप क्या कहते हैं-
Posted in जरा सोचिए, वीडियो by परमजीत बाली
कोई नहीं पराया जग में धरती रैन बसेरा है .इसकी सीमा पश्चिम में तो मन का पूरब डेरा है .गलियाँ गाँव गूंजाता चल सबको गले लगाता चल हर दरवाज़ा प्रभु दुआरासबको शीश नवाता चल.नीरज जी की हैं पंक्तियाँ.
हाथ फिसल गया, बाकई. बहुत सही.
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March 16, 2008 10:28 PM
कोई नहीं पराया जग में
धरती रैन बसेरा है .
इसकी सीमा पश्चिम में
तो मन का पूरब डेरा है .
गलियाँ गाँव गूंजाता चल
सबको गले लगाता चल
हर दरवाज़ा प्रभु दुआरा
सबको शीश नवाता चल.
नीरज जी की हैं पंक्तियाँ.
July 20, 2008 1:09 PM
हाथ फिसल गया, बाकई. बहुत सही.