Sunday, August 15, 2010

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं..............

5 टिप्पणियाँ:

शहरोज़ said...

आज़ादी को समझने अहम भूमिका ...........

बहुत खूब !

अंग्रेजों से प्राप्त मुक्ति-पर्व
..मुबारक हो!

समय हो तो एक नज़र यहाँ भी:

आज शहीदों ने तुमको अहले वतन ललकारा : अज़ीमउल्लाह ख़ान जिन्होंने पहला झंडा गीत लिखा http://hamzabaan.blogspot.com/2010/08/blog-post_14.html

राज भाटिय़ा said...

स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं।
जिन्हे नाज था हिन्द पर वो तो कब से शहीद हो गये, ओर जिन्हे हिन्द पर नाज है वो आज गरीब जनता है, ओर जब यह जनता अपनी ताकत पहचानेगी उस दिन... हिन्द फ़िर से अपना सर गर्व से ऊंचा कर सकेगा, ओर यह चोर मवाली नेता मुंह भी नही छिपा पायेगे, इस जनता के आगे तो बडे बडे तख्तो ताज भी मिट्टी मै मिल गये, आप के विचारो से सहमत हुं जी

Udan Tashtari said...

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आप एवं आपके परिवार का हार्दिक अभिनन्दन एवं शुभकामनाएँ.

सादर

समीर लाल

राजभाषा हिंदी said...

आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई।

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

उन्ही को खोज रहे है :)

आपको आज़ादी की शुभकामनाये

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