Tuesday, September 13, 2011

सुखी कौन....


इस दुनिया मे हर तरफ दुख ही दुख दिखता है। ऐसा कोई आदमी नही जो पूरी तरह से सुखी हो। जिसे कोई ना कोई दुख ना हो। किसी को धन न होने का दुख.......किसी को शरीरिक रोग का दुख........किसी को संतानहीन होने का दुख......किसी को असफलता के कारण दुख.........किसी को बिगड़ेल बच्चो का दुख........कहने का मतलब है कि हरेक को कोई ना कोई दुख है।
फिर सुखी कौन है??? 
जरा जानिए.....




पति अपनी पत्नी से- 
भाग्यवान!  क्या तुझे पता है ......इस दुनिया में दो तरह के लोग हैं.... जो पूरी तरह से सुखी है।
पत्नी- कौन -कौन से?
पति- एक तो वह जो अभी पैदा नही हुए....
पत्नी- और दूसरे...?
पति- जो अब तक मर चुके हैं।

1 टिप्पणियाँ:

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...





आपको सपरिवार
नवरात्रि पर्व की बधाई और शुभकामनाएं-मंगलकामनाएं !

-राजेन्द्र स्वर्णकार

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